Sunday, September 13, 2026

डिंडौरी पंचायत विभाग में कथित मनमानी का मामला गरमाया, विधायक डॉ. हीरालाल अलावा ने मुख्यमंत्री से जांच की मांग की

सेवाजोहार (डिंडोरी):- पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से जुड़े अधिकारी-कर्मचारियों, सरपंचों एवं सचिवों की समस्याओं को लेकर मामला अब प्रदेश शासन तक पहुंच गया है। अधिवक्ता सम्यक जैन द्वारा उठाए गए गंभीर मुद्दों के आधार पर मनावर विधायक व जयस के राष्ट्रीय संरक्षक डॉ. हीरालाल अलावा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच एवं आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

विधायक डॉ. हीरालाल अलावा ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कार्यालयीन समय के बाद लगातार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, सरपंचों को जेल भेजने एवं सचिवों को निलंबित करने की कथित धमकियों, फर्जी अथवा तथ्यहीन CM Helpline शिकायतों के माध्यम से दबाव बनाने तथा जिला पंचायत के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कथित दबाव एवं ब्लैकमेलिंग जैसे आरोपों को गंभीर प्रशासनिक विषय बताया है।

इसके साथ ही शासन द्वारा जारी आदेशों एवं निर्देशों की कथित गलत व्याख्या कर उन्हें मनमाने तरीके से लागू करने, नियमों की अनदेखी तथा शासकीय राशि के कथित दुरुपयोग के आरोपों की भी निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई है। यदि जांच में वित्तीय अनियमितता अथवा शासकीय राशि के दुरुपयोग की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की जिम्मेदारी निर्धारित कर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की जाएगी।

*सम्यक जैन बोले—मनमानी और विधि-विरुद्ध कार्यप्रणाली की जांच जरूरी*

अधिवक्ता सम्यक जैन ने कहा कि, “जिला पंचायत में लगातार ऐसी मनमानी एवं कथित विधि-विरुद्ध कार्यप्रणाली की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिनसे सरपंचों, सचिवों एवं मैदानी कर्मचारियों को परेशान करने की मंशा से दबाव का वातावरण बनाए जाने का आरोप है। शासन के आदेशों की गलत व्याख्या कर उन्हें अपने अनुसार लागू करना, निर्धारित प्रक्रिया की अनदेखी करना और शासकीय राशि के दुरुपयोग के आरोप अत्यंत गंभीर हैं। इन सभी विषयों की निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है।”

उन्होंने कहा कि लेन-देन से संबंधित आरोप भी सामने आए हैं, हालांकि इन आरोपों की सत्यता जांच का विषय है। इसलिए किसी व्यक्ति को पूर्व में दोषी ठहराने के बजाय स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच के माध्यम से वास्तविकता सामने लाई जानी चाहिए।

जैन ने कहा कि उक्त पूरे मामले को अब पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी के संज्ञान में भी लाया जाएगा तथा उपलब्ध तथ्यों और शिकायतों के आधार पर निष्पक्ष जांच, वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं की जांच तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की मांग की जाएगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि उद्देश्य किसी अधिकारी अथवा कर्मचारी को व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाना नहीं, बल्कि पंचायत व्यवस्था में पारदर्शिता, विधि का शासन, शासकीय धन की सुरक्षा तथा निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों एवं मैदानी कर्मचारियों के सम्मान की रक्षा सुनिश्चित करना है।

अब मुख्यमंत्री के संज्ञान में मामला पहुंचने के बाद शासन स्तर पर होने वाली जांच और कार्रवाई पर सभी की निगाहें हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Advertisement
Market Updates
Rashifal
Live Cricket Score
Weather Forecast
Weather Data Source: Wettervorhersage 14 tage
Latest news
अन्य खबरे