जहां पहुंचना चुनौती, वहां पहुंचीं स्वास्थ्य सेवाएं—कलेक्टर की पहल से सुदूर बैगा गांवों में शिविर
पहले स्वास्थ्य, फिर विश्वास’—कलेक्टर की पहल से सुदूर बैगा अंचलों तक पहुंचीं स्वास्थ्य सेवाएं
सेवाजोहार (डिंडोरी):- जिला प्रशासन डिंडौरी की एक अनोखी और मानवीय पहल के तहत आज आकांक्षी विकासखंड बजाग के अतिसुदूर ग्राम पंचायत बोंदर, चांड़ा एवं जल्दा में विशेष स्वास्थ्य एवं पोषण शिविर का सफल आयोजन किया गया। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदोरिया के निर्देशन में आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में बैगा जनजाति सहित अन्य ग्रामीणों ने पहुंचकर स्वास्थ्य परीक्षणए दवा एवं शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त किया।
क्या है जिला प्रशासन की अनोखी पहल
जिला प्रशासन द्वारा मुख्यमंत्री जन विश्वास कार्यक्रम को महज एक औपचारिक कार्यक्रम न बनाकरए उसे जनजन तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। इसी क्रम में कलेक्टर श्रीमती भदोरिया ने निर्देश दिए हैं कि मुख्य कार्यक्रम से पहले ही उन गांवों में स्वास्थ्य विभाग का अमला पहुंचे जहां आज भी स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचना एक चुनौती है। बरसात के बाद सितंबर.अक्टूबर में डिंडौरी के जंगली और पहाड़ी क्षेत्रों में मलेरियाए सर्दी.खांसीए दस्तए त्वचा रोग और कुपोषण के मामले बढ़ जाते हैं। इसी को देखते हुए प्रशासन ने पहले स्वास्थ्य फिर विश्वास’ की थीम पर काम शुरू किया है।
प्रशासन की इस फाइल की सबसे खास बात यह है कि इसमें सिर्फ इलाज नहीं, बल्कि तीन काम एक साथ हो रहे हैं।पहला . स्वास्थ्य परीक्षण और दवा वितरण,दूसरा गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और 0 से 6 साल के बच्चों का पोषण स्तर चिन्हांकनऔर तीसरा मौके पर ही पात्र हितग्राहियों का सर्वे कर आयुष्मान कार्ड, संबल योजनाए पेंशन, लाड़ली लक्ष्मी जैसी योजनाओं के आवेदन भरवाना।
12 और 13 सितंबर को विशेष अभियान
जारी कार्ययोजना के अनुसार 12 सितंबर को जनपद पंचायत बजाग के ग्राम बोंदर, चांड़ा एवं जल्दा में शिविर लगाए गए, जबकि 13 सितंबर को जनपद पंचायत करंजिया के मोहतरा, गोपालपुर एवं पडरीपानी में शिविर आयोजित होंगे।
आज बोंदर में आयोजित शिविर में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बीपीए शुगर, सिकल सेल, मलेरिया की जांच की। महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने बच्चों का वजन, ऊंचाई नापी और गंभीर कुपोषित बच्चों को एनआरसी से जोड़ने की कार्रवाई की। कई बुजुर्गों के पेंशन प्रकरण भी मौके पर ही तैयार किए गए।
ग्रामीणों में खुशी
ग्राम चांड़ा के बैगा आदिवासियों ने बताया कि बरसात में अस्पताल जाना मुश्किल हो जाता है, डॉक्टर खुद गांव आए इससे बहुत राहत मिली। ग्राम पंचायत सरपंचों ने भी जिला प्रशासन और कलेक्टरकी इस पहल की सराहना की है। उल्लेखनीय है कि डिंडौरी जैसे आदिवासी बहुल जिले में इस तरह गांव.गांव जाकर शिविर लगाना प्रशासन की संवेदनशीलता को दर्शाता है। यह पहल मुख्यमंत्री जन विश्वास कार्यक्रम को जमीनी स्तर पर सफल बनाने में मील का पत्थर साबित होगी।